फर्स्ट एड किट


फर्स्ट एड किट हर घर में होना जरूरी है। इसे व्यवस्थित ढंग से रखा जाए, ताकि घर के किसी भी सदस्य को जरूरत पडने पर डॉक्टर के पहुंचने से पहले प्राथमिक चिकित्सा दी जा सके।
केस
  • रानू बाहर खेलते-खेलते गिर गई और उसके पैर में कांच चुभ गया। दर्द के कारण वह जोर-जोर से रोए जा रही थी, पर उसकी मां विनीता के मेडिकल किट में थर्मामीटर और दो-चार सामान्य दवाइयों के अलावा कुछ था ही नहीं। 
  • मिसेज वर्मा दूध गिर जाने से जल गई। उनके फर्स्ट एड किट में प्राथमिक उपचार की सभी आवश्यक चीजें थीं, पर इस समय किट ढूंढे नहीं मिल रही थी। 
फर्स्ट एड किट के सामान
  • हर आकार की कम से कम दो-तीन बैंडेज और मेडिकल टेप- कटने छिलने या बच्चों के फोडे-फुंसी होने पर इस्तेमाल के लिए।
  • गॉज स्क्वायर्स और रूई का छोटा रोल- बडे घावों को ढककर इंफेक्शन से बचाने के लिए। 
  • लैटेक्स या प्लास्टिक के ग्लव्स- घाव की साफ-सफाई और बैंडेज करने में सहायक।
  • सेवलॉन, डिटॉल की शीशी या दूसरे एंटीबैक्टीरियल सोप- घाव को साफ करके तुरंत लगाने के लिए।
  • छोटी कैंची और छोटी चिमटी- बैंडेज, गॉज, टेप आदि को काटने और शरीर में चुभे कांटे या कांच को निकालने के लिए।
  • सोफरामाइसीन जैसे एंटी बैक्टीरियल या एंटीबॉयोटिक ऑइंटमेंट- जलने, कटने, छिलने आदि में उपचार के लिए।
  • पेरासिटामोल, एवोमिन, कोरेक्स जैसी सामान्य दवाइयां- बुखार, सिरदर्द, उल्टी, सर्दी-खांसी और पेट दर्द आदि में राहत के लिए।
  • डिजिटल थर्मामीटर।
  • घर में डायबिटीज, ब्लड प्रेशर और हार्ट पेशेंट हैं तो उसकी दवाई भी किट में रखें। 
किट को ऎसे रखें
  • किट मजबूत प्लास्टिक के मध्यम आकार के डिब्बे में बनाएं, ताकि उसमें सारा सामान आसानी से आ सके।
  • किट के ऊपर लाल टेप या लाल स्कैच पेन से क्रॉस का निशान बनाएं, जिससे डिब्बे को देखकर ही उसके फर्स्ट एड किट होने का पता चल सके।
  • किट के ऊपर अपने डॉक्टर, मेडिकल स्टोर, एंबुलेंस का पता और फोन नंबर लिखकर चिपका दें, ताकि जरूरत पडने पर कोई भी डॉक्टर को बुला सके।
  • घर में किट को ऎसी जगह पर रखें, जिससे वह छोटे बच्चों की पहुंच से दूर रहे, साथ ही इसकी जानकारी सभी को हो ताकि वक्त पडने पर उसका उपयोग किया जा सके।
  • यदि आप लंबे सफर पर जा रहे हैं, तो किट को अपने हैंडबैग में साथ जरूर ले जाएं, जिससे जरूरत के समय यह आपके काम आ सके।

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