Sexual Addiction Causes, Symptoms, Diagnosis and Treatment

सेक्सुअल ऐडिक्शन एक प्रकार की लत है, जिससे पीड़ित आदमी को हर जगह, दिन और रात सेक्स ही सेक्स सूझता है। ऐसे आदमी अपनी जिंदगी का ज्यादातर समय सेक्स संबंधित प्रवृत्तियों में बिताने की कोशिश करते हैं, जैसे कि पॉर्न वेबसाइटें देखना, पॉर्न चैट करना, इरोटिक सीडी, मेसेज और एमएमएस तस्वीरों का लेन-देन करना वगैरह। हालांकि ऐसे लोग भी आम आदमियों की तरह ही दिखते हैं और आम लोगों की भी ऐसी चीजों में रुचि कमोबेश हो सकती है, लेकिन एक सेक्स ऐडिक्ट की सेक्सुअल इच्छाएं बेकाबू रहती हैं। उसकी प्यास कभी पूरी तरह बुझती नहीं।

अक्सर ऐसे लोग जानते हैं कि वे सेक्स ऐडिक्ट हैं, लेकिन वे अपनी इच्छाओं को दबा नहीं पाते, जैसे शराब पीने वाला आमतौर पर चाहकर भी शराब पीना रोक नहीं पाता।

क्या है वजहें?
  • कुछ वैज्ञानिक ऐसा मानते हैं कि 80 फीसदी सेक्स ऐडिक्ट लोगों के माता-पिता भी जीवन में अक्सर सेक्स ऐडिक्ट रहे होते हैं। ऐसा भी माना जाता है कि अक्सर ऐसे लोगों में सेक्सुअल एब्यूज की हिस्ट्री भी होती है यानी ज्यादातर ऐसे लोगों के जीवन में कभी-न-कभी यौन शोषण हो चुका होता है। मुमकिन है, बचपन में किसी ने जबर्दस्ती उनके साथ सेक्सुअल छेड़छाड़ की हो।
  • देखा गया है कि जिन परिवारों में मानसिक और भावनात्मक तौर से लोग बिखरे और अलग-थलग हों, ऐसे परिवार के लोगों में भी सेक्स ऐडिक्ट हो जाने की आशंका ज्यादा रहती है।


कैसे-कैसे ऐडिक्ट?
  • सेक्स ऐडिक्टों में कुछ लोग काम विकृतियों से पीड़ित होते हैं। ऐसे लोग समाज के लिए खतरनाक साबित हो सकते हैं, जैसे बच्चों या बुजुर्गों या जानवरों के साथ सेक्स, रेप या छेड़छाड़ आदि। हालांकि हरेक सेक्स ऐडिक्ट काम विकृत नहीं होता। कई बार मानसिक बीमारियों, खासकर पर्सनैलिटी डिसऑर्डर के शिकार होने के कारण भी लोग सेक्स ऐडिक्ट हो सकते हैं। कुछ सेक्स ऐडिक्ट ड्रग ऐडिक्ट भी होते हैं। कोकीन आदि उत्तेजनात्मक दवाएं लेकर अपने सेक्स ऐडिक्शन को और स्ट्रॉन्ग करने की कोशिश करते हैं। सेक्स ऐडिक्ट अगर ड्रग ऐडिक्ट भी हो तो वह ज्यादा खतरनाक हो जाता है।


क्या है इलाज?
  • सेक्स ऐडिक्ट होना एक बीमारी है, जिसका इलाज होना भी जरूरी है। हालांकि इलाज इतना आसान नहीं है। अलग-अलग तरह के सेक्स ऐडिक्ट का इलाज अलग-अलग तरीके से किया जाता है, जैसे साइबर सेक्स ऐडिक्ट, पोर्न मूवीज, पॉर्न चैट या डायरेक्ट सेक्स ऐडिक्ट आदि।
  • ऐसे लोग अगर अपना इलाज करना चाहते हों तो उन्हें चाहिए कि वे अकेलेपन से बचें। अपनी हॉबीज में टाइम लगाएं, सोशल होकर लोगों से मिले-जुलें, लंबी वॉक और कसरत करें। योगासन, प्राणायाम और ध्यान करें। ये चीजें आपकी मदद कर सकती हैं। दोस्तों-रिश्तेदारों और परिवार के साथ ज्यादा वक्त बिताएं।
  • कंप्यूटर या इंटरनेट का इस्तेमाल टाइम पास करने की बजाय जरूरी कामों के लिए ही करें। कंप्यूटर या लैपटॉप का इस्तेमाल पति-पत्नी दोनों मिलकर करें तो बचाव होगा।
  • जब निराश और हताश हों तो कंप्यूटर या इंटरनेट का इस्तेमाल करने से बचें। साइबर कैफे में ज्यादा समय न बिताएं।
  • अगर मानसिक बीमारी भी महसूस हो तो साइकाइअट्रिस्ट और साइकोलॉजिस्ट की मदद भी ली जा सकती है।
  • इससे निजात पाने के लिए कारगर दवाएं भी मौजूद हैं, लेकिन उसे आप डॉक्टर की सलाह पर ही लें।
  • जिन लोगों की शादीशुदा जिंदगी में समस्याएं आ रही हैं उन्हें किसी मैरिज काउंसलर की राय लेनी चाहिए।
  • शराब, स्मोकिंग, स्मैक आदि नशीली चीजों के सेवन से बचें।
  • इस बात का ध्यान रखें कि आपकी सेक्स के बारे में जिज्ञासा कहीं आदत न बन जाए।
  • कोई ज्यादा सेक्स करता है तो उसे घबराने की जरूरत नहीं। यहां बताए गए सारे उपाय उन्हीं लोगों के लिए हैं, जो सेक्स ऐडिक्ट के साथ-साथ मानसिक रोगों से भी परेशान हों। ऐसे लोगों की पर्सनल और प्रफेशनल लाइफ डिस्टर्ब होने लगती है।

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