क्या है वर्चुअल ड्रेसिंग रूम



ऑनलाइन शॉपिंग के स्पेशल फीचर्स के तहत वर्चुअल ड्रेसिंग रूम लॉन्च किए गए हैं। दुनियाभर की कई फैशन वेबसाइट यह सुविधा प्रदान कर रही हैं। हालांकि भारत में अभी इस ट्रेंड को शुरू हुए बमुश्किल एक साल हुआ है, लेकिन इसकी बढ़ती लोकप्रियता ने रिटेल जगत में नई क्रांति ला दी है। बड़े-बड़े फैशन ब्रांड अब इसकी ओर ध्यान दे रहे हैं।

2010 में मैसी ने वर्चुअल मिरर ड्रेसिंग रूम लॉन्च किया। यूजर्स आईपैड और कंप्यूटर की मदद से इस टचस्क्रीन मिरर का इस्तेमाल कर सकते हैं। साइबर सिक्योरिटी को ध्यान में रखकर शॉपर्स को पासवर्ड सिक्योर इंटरनेट एक्सेस दी जाती है, ताकि उनके पर्सनल डिटेल लीक न हों। इस वेबसाइट पर यूजर खुद की लाइफसाइज वर्चुअल फिट इमेज देख सकता है।

वर्चुअल रूम के प्रकार

मोशन डिटेक्टर वर्चुअल ड्रेसिंग रूम
2006 में आईमैगनेट ने मोशन डिटेक्टर लॉन्च किए। 2007 में इनकी मदद से न्यूजीलैंड की एक रिटेल शॉप में वर्चुअल ड्रेसिंग रूम बनाया गया। इसमें एक कैमरा फिट किया गया, जो कस्टमर के मूवमेंट कैच कर सके। स्टोर में लगे टीवी स्क्रीन पर यूजर्स हाथ के मूवमेंट से ड्रेस, कलर चुनकर उसे ट्राय कर सकते हैं।

वीडियो वर्चुअल ड्रेसिंग रूम
वर्चुअल ड्रेसिंग रूम की सबसे ज्यादा एडवांस तकनीक यही है। इसमें यूजर घर बैठे अपने पसंदीदा आउटफिट को ट्राय करके देख सकता है।

वेब कैम वर्चुअल ड्रेसिंग रूम
2009 में जुगारा ने पहला ऑनलाइन वेब कैम वर्चुअल ड्रेसिंग रूम लॉन्च किया। इसमें यूजर मार्कर हाथ में लेकर वेब कैम पर खुद की फोटो लेते हैं। मार्कर को आगे-पीछे करके चुनी हुई ड्रेस खुद पर ट्राय की जा सकती है।

रोबोटिक वर्चुअल ड्रेसिंग रूम
एस्टोनिया कंपनी ने 2010 में फिट्समी नाम से पहला रोबोटिक वर्चुअल रूम शुरू किया। इसमें 2000 से ज्यादा रोबोट बॉडी शेप हैं, जो यूजर को उसके बॉडी शेप के अनुसार ड्रेस चुनने में मदद करते हैं।

कैसे होता है ये सब?
आप आईपैड, स्मार्टफोन या फिर वेब कैम के जरिए किसी भी ड्रेस को वर्चुअली ट्राय करके देख सकते हैं। यह सारा कमाल है एआर यानी ऑग्युमेंटेड रियलिटी का। एक ऐसी तकनीक जो कम्प्यूटर जनरेटेड सेंसेरी इनपुट की मदद से वर्चुअल वर्ल्ड तैयार करती है, या यूं कहें कि रियल वल्र्ड और वर्चुअल वर्ल्ड का अंतर खत्म करती है।

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