फिट रहने के लिए 10 दमदार एक्सरसाइज

कई लोगों को जिम जाकर वर्कआउट करना पसंद नहीं होता। इसके पीछे उनकी अपनी वजहें होती हैं। मसलन जिम का दूर होना, वक्त की कमी, तेज म्यूजिक , जिम में ज्यादा भीड़ आदि , लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि ऐसे लोग खुद को फिट नहीं रख सकते। कुछ एक्सरसाइज ऐसी हैं , जो बेहद आसान हैं और इन्हें घर पर करके ही खुद को फिट रखा जा सकता है। ऐसी ही 10 दमदार एक्सरसाइज के बारे में बता रही हैं 
नमिता जैन 
हम हमेशा से सुनते - पढ़ते आए हैं कि फिट और तंदुरुस्त रहने के लिएएक्सरसाइज करना बेहद जरूरी है , लेकिन कंफ्यूजन इस बात को लेकर रहता हैकि किस एक्सरसाइज शिड्यूल को फॉलो किया जाए। एक्सरसाइज की दुनिया मेंअलग - अलग लोगों और अलग - अलग मकसदों के लिए अलग - अलग एक्सरसाइज और अलग - अलग शिड्यूल मौजूद हैं। ऐसा ही एक एक्सरसाइजरिजीम है स्ट्रेंथ एक्सरसाइज। अगर आप इसे अपने वर्कआउट रुटीन में शामिल करते हैं तो मानकर चलिए कि बोन इंजरी और फ्रैक्चर्स जैसी बीमारियों से बचे रहने का काफी हद तक इंतजाम हो गया। उस पर बोनस यह कि ओस्टियोपोरोसिस और कमर दर्द जैसी स्थितियों को रोकने या उन्हें कम करने में आपको मदद मिलेगी। 
वर्कआउट के नियम 

  • घर पर किए जाने वाले वर्कआउट को आमतौर पर लोग गंभीरता से नहीं लेते ,लेकिन वर्कआउट में रेगुलर होना बेहद जरूरी है। अपने डेली प्लानर में वर्कआउटको जरूर लिख लें। इससे आप दूसरे जरूरी कामों की तरह वर्कआउट को भीरोजाना नियम से करेंगे। आज छुट्टी है , आज नींद आ रही है , आज मन नहीं है ,जैसे बहाने बनाकर एक्सरसाइज शिड्यूल को एक दिन के लिए भी न टालें। 
  • जिस वक्त वर्कआउट कर रहे हैं , उस वक्त सिर्फ वर्कआउट ही करें। इस दौरान घरके दूसरे सदस्यों से बातचीत या बीच में कोई दूसरा काम करने जैसी प्रैक्टिस बंदकर दें। घर के सदस्यों को साफ बता दें कि यह वक्त आपका है। 
  • वर्कआउट के दौरान म्यूजिक चलाने से वर्कआउट के दौरान होने वाली बोरियतको खत्म किया जा सकता है। इस दौरान अपनी पसंद का कोई भी म्यूजिक चलालें। आपको पता भी नहीं चलेगा, कब आपने अपना एक्सरसाइज शिड्यूल निबटा डाला।
एक्सरसाइज के लिए जरूरी  इक्विपमेंट्स 

  • डमबेल्स या 500-500 एमएल की पानी की दो बोतलें। 
  • कारपेट 
  • एक कुर्सी

-: एक्सरसाइज :-
1. पुश - अप्स 

  • क्या : बॉडी के ऊपरी हिस्सों को खूबसूरत शेप में रखना चाहते हैं , तो पुश - अप्सबढ़िया एक्सरसाइज है। 
  • कैसे करें : हाथों को फर्श पर रखें। आपके दोनों हाथ कंधों के नीचे होने चाहिए।कमर सीधी रखें। अब अपनी कुहनियों को मोड़ें और सीने को फर्श के नजदीकलाएं। फिर वापस उसी स्थिति में लौट आएं। यह एक पुशअप माना जाएगा। ऐसे16 राउंड लगाएं। 
  • फायदे : सीना , कंधे और बाजू मजबूत होते हैं।
2. बाइसेप कर्ल
  • क्या : बाइसेप्स को सही शेप में लाने और उन्हें मजबूत करने केलिए यह अच्छी एक्सरसाइज है। 
  • कैसे करें : दोनों हाथों में वेट ले लें। अपनी कुहनियों को कंधे कीतरफ मोड़ें और वापस पहले वाली स्थिति में ले आएं। कुहनियों कोकंधे की तरफ लाने और फिर वापस ले जाने में बाइसेप्स पर तनावपड़ता है , जिससे वे मजबूत होते हैं। इसके 16 सेट लगा लें। 
  • फायदे : इस एक्सरसाइज से बाईसेप्स ( बाजुओं ) की मसल्स टोनहोती हैं। 
3. ट्राइसेप्स डिप्स


  • क्या : यह बाजुओं के ऊपरी हिस्से की एक्सरसाइज है, जिससे बाजुओं का पिछला हिस्सा टोन होता है। इनमसल्स को मजबूत करने की ज्यादा जरूरत है , क्योंकिबांह के इस हिस्से की मसल्स उतनी मजबूत नहीं होतीं ,जितनी कि सामने वाले हिस्से की। 
  • कैसे करें : चित्र में दिखाए गए तरीके से हाथों कासहारा लेकर ऐसी पोजिशन ले लें , जैसे आप किसीकुर्सी पर बैठे हों। हिप्स को फर्श की तरफ ले जाएं। ऐसाकरने पर आपकी कुहनियां मुड़ेंगी। अब वापस पहलेवाली स्थिति में आने के लिए अपनी ट्राइसेप्स को यूज करें। इसके भी 16 सेट लगालें। 
  • फायदे : इस एक्सरसाइज से ट्राईसेप्स की मसल्स मजबूत होती हैं और सहीआकार में आती है। 
4. काफ रेज
  • क्या : काफ मसल्स ( पिंडलियों ) को टोन करने के लिए यह एक अच्छीऔर प्रभावशाली एक्सरसाइज है। एक महीने तक लगातार एक्सरसाइजकर लेने के बाद आपको साफ अंतर दिखाई देगा। 
  • कैसे करें : सीधे खड़े हो जाएं। आपके कंधे , कमर और सीना ऊपर कीतरफ उठे होने चाहिए। अब पैर के पंजों के बल आ जाएं और एडि़यों कोजितना ऊपर उठा सकते हैं , उठाएं। इसके बाद वापस पुरानी स्थिति मेंलौट आएं। इस एक्सरसाइज को भी 16 बार कर लें। 
  • फायदे : यह एक्सरसाइज काफ मसल्स को मजबूत बनाकर उन्हें शेप मेंलाती है। 
5. पावर लंजेज
  • क्या : थाई और हिप्स को शेप में लाने के लिए यह एकअच्छी एक्सरसाइज है। 
  • कैसे करें : दोनों हाथों में वेट ले लें और घुटनों के बल आजाएं। पैरों के बीच कंधों की चौड़ाई के बराबर फासलारहेगा। चित्र में दिखाए गए तरीके से एक पैर को आगे लाएं।दोनों घुटने इस तरह मुड़ेंगे कि वे 90 डिग्री का एंगल बनाएं।इसके बाद वापस पहले वाली स्थिति में आ जाएं। यही प्रोसिजर दूसरे पैर के साथ भी दोहराएं। इस एक्सरसाइज को 16 बार कर लें। 
6. बट्स ब्रिज 
  • क्या : बट्स के लिए अच्छी एक्सरसाइज है। 
  • कैसे करें : चटाई पर लेट जाएं। बट्स को अंदर की तरफ भींचें और धीरे - धीरेउन्हें फर्श से ऊपर उठा दें। इसके बाद धीरे से बट्स को वापस पहले वाली स्थिति मेंले आएं। यह एक सेट हुआ। इस तरह के 16 सेट लगा लें। 
  • फायदे : इस एक्सरसाइज को लगातार करने से हिप्स की मसल्स पर असर होताहै और वे ज्यादा फर्म और कर्वी होते हैं।
7. एब्डॉमिनल क्रंच 
  • क्या है : यह बेसिक एब्डॉमिनल एक्सरसाइज है , लेकिन है काफी प्रभावशाली। 
  • कैसे करें : पीठ के बल लेट जाएं और हाथों को सिर के पीछे रख लें। चित्र मेंदिखाए तरीके से घुटनों को मोड़ें। कंधों को धीरे - धीरे उठाएं। इससे आपकोएब्डॉमिन में खिंचाव महसूस होगा। कंधों को वापस नीचे ले आएं। कंधों को ऊपरकी तरफ उठाते वक्त सांस बाहर छोड़ना है और नीचे ले जाते वक्त सांस अंदर लेनाहै। जब कंधे ऊपर उठा रहे हैं , तो हाथों से सिर को सिर्फ सपोर्ट देना है। हाथों कासर पर इतना प्रेशर नहीं पड़ना चाहिए कि आपकी ठुड्डी सीने की तरफ झुकने लगे।कंधे ऊपर उठाते वक्त इस बात का भी ध्यान रखें कि गर्दन के एरिया में कोई दिक्कतन हो। ज्यादा फायदा चाहते हैं तो टांगें उठा लें और घुटनों को 90 डिग्री के एंगलपर मोड़ लें। इस एक्सरसाइज को भी 16 बार करना है। 
  • फायदे : एब्डॉमिनल मसल्स को मजबूत बनाती है और उन्हें टोन करती है। 
8. रिवर्स कर्ल
  • क्या है : रिवर्स कर्ल में गर्दन और कंधोंपर कोई स्ट्रेस नहीं आता क्योंकि ये दोनोंही अंग इस एक्सरसाइज में फर्श पर होतेहैं। यह एक्सरसाइज भी उन्हीं एब्डॉमिनलमसल्स को टारगेट करती है , जिन्हेंएब्डॉमिनल क्रंच में किया जाता है , लेकिनयहां मूवमेंट की शुरुआत ऐब्स के निचलेहिस्से होती है। 
  • कैसे करें : पीठ के बल लेट जाएं। दोनोंहाथ साइड में रहेंगे और हथेलियां नीचे कीतरफ होंगी। धीरे - धीरे दोनों टांगों कोऊपर उठाएं। दोनों टांगें इस तरह ऊपरउठेंगी कि पेल्विस का हिस्सा भी थोड़ा उठजाए। दोनों टांगों को अपनी तरफ लाएंऔर फिर वापस अपनी पुरानी पोजिशन में लौट जाएं। इस एक्सरसाइज के 16 सेटलगाने हैं। 
  • फायदा : ऐब्स को सही शेप में लाने में मदद करती है और उन्हें टोन करती है। 
9. ऑब्लिक क्रंच 
  • क्या : इसमें कोशिश यह होती है कि आप अपने कंधों को जितना घुटनों केनजदीक ला सकते हैं , लाएं। कंधे घुटनों के जितने नजदीक जाएंगे , आपकी वेस्ट केलिए यह उतना ही अच्छा होगा। 
  • कैसे करें : पीठ के बल लेट जाएं। दोनों पैरों के बीच कंधों की चौड़ाई के बराबरफासला रखें। बाहों को सिर के पीछे ले जाएं। कंधों को उठाएं और उन्हें इस तरहट्विस्ट करें कि बायां कंधा दायें घुटने की तरफ आए। इसी तरह दूसरी साइड में भीट्विस्ट करें और दायें कंधे को बाएं घुटने की तरफ ले जाएं। इसके भी 16 सेट लगालें। 
  • फायदे : वेस्ट की मसल्स मजबूत होती हैं।
10. बैक एक्स्टेंशन 
  • क्या : जैसा कि नाम से ही जाहिर है कमर के लिए अच्छी एक्सरसाइज है। 
  • कैसे करें : पेट के बल लेट जाएं। कुहनियां मुड़ी रहेंगी और फोरआर्म्स मैट परहोंगी। धीरे - धीरे कंधे और सीने को फर्श से ऊपर उठाएं और फिर नीचे लाएं। कंधेऔर सीने को उठाते वक्त सिर , गर्दन और रीढ़ एक सीध में होने चाहिए। कंधे ऊपरउठाते हुए गर्दन की मसल्स पर स्ट्रेन न डालें। 
  • फायदा : कमर की मसल्स को मजबूत बनाकर बॉडी पोस्चर को बेहतर बनाती है।

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