सच का सामना

नेटवर्किंग साइट्स यंगस्टर्स की लाइफ में बहुत इंपोर्टेंस रखने लगी हैं और वे दोस्ती से लेकर प्यार तक सब यहीं ढूंढते हैं। हालांकि अपने अच्छे इम्प्रेसन के लिए आपको इस दौरान कुछ बातों को ध्यान में रखकर चलने की जरूरत है: 


वर्चुअल वर्ल्ड में यूथ की मौजूदगी बहुत ज्यादा है। इनके जरिए दोस्त बनने वाले यंगस्टर्स की भी कमी नहीं है, तो डेटिंग पार्टनर ढूंढने वालों की भी। इस सीन को देखते हुए बेशक कहा जा सकता है 


कि सोशल नेटवर्किंग साइट्स आजकल लव गेम की प्ले ग्राउंड हो गई हैं। वैसे, हर गेम के अपने रूल होते हैं और प्यार का यह नया मैदान भी इससे अछूता नहीं है। अगर आप इसमें खुलकर खेलना चाहते हैं और यह ख्वाहिश भी रखते हैं कि आप अपनी आइडेंटिटी के साथ सभी के सामने आएं, तो आपको कुद अलग करना होगा। तभी इस गेम में आप दूसरों से आगे निकल पाएंगे। 

जल्दबाजी से बचें 

माना कि आपको अपने सपनों का राजकुमार या राजकुमारी मिल गई है और आप उसके करीब जाने के लिए बेताब हैं, लेकिन जरा संभलकर! आपके दिल में शादी के लड्डू फूटने के बावजूद उसे यह अहसास नहीं होना चाहिए कि आप उससे शादी के सपने देखने लगे हैं। नए फ्रेंड से मिलने के एक-दो दिन बाद उसे कैजुअल फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजिए। लेकिन उसे यह शो न होने दें कि आप उसका प्रोफाइल पहले देख चुके हैं और उसकी फोटो गैलरी भी खंगाल चुके हैं। वरना उसे लगेगा कि आप उसमें कुछ ज्यादा ही इंटरेस्ट ले रहे हैं। 

हौले-हौले 

यह सही है कि नेटवर्किंग साइट्स आपको फ्रेंड्स के टच में रहने का मौका देती हैं, लेकिन इसका मतलब यह भी नहीं होना चाहिए कि आप अपना सारा टाइम किसी और के प्रोफाइल को देखते हुए ही बिता दें। शुरुआत में आपको उन्हें बहुत ज्यादा मेसेज नहीं भेजने चाहिए। वरना आपका इंप्रेशन गलत पड़ेगा। उसे लगेगा कि आप उसे कुछ ज्यादा ही भाव दे रहे हैं। इसके बजाय दो-तीन दिन छोड़कर उनसे बात करें और अपने कदम धीरे-धीरे बढ़ाएं। 

सच का सामना 

आपको अपने नए फ्रेंड के सामने किसी भी तरह का झूठ बोलने से बचना चाहिए, वरना आप बड़ी परेशानी में फंस सकते हैं। मसलन अगर आप अडवेंचर स्पोर्ट्स पसंद नहीं करते, तो अपने प्रोफाइल को कूल दिखाने के लिए अडवेंचर स्पोर्ट्स को अपनी हॉबी में शामिल न करें। साथ ही, प्रोफाइल में आपके एक्स के साथ आपकी ज्यादा पिक्चर्स नहीं होनी चाहिए। 

आप खाली तो नहीं 

उसके ऑनलाइन होने पर चैट करना बहुत अच्छी बात है, लेकिन उससे बात करने का यह मतलब भी नहीं होना चाहिए कि आप पूरा दिन उसके ऑनलाइन होने का इंतजार करते रहें। चैट पर थोड़ी बहुत बात करने में कोई बुराई नहीं है, लेकिन इसे रेग्युलर प्रैक्टिस में बनाने से बचें। वरना आप जिंदगी की दूसरी जरूरी बातों को इग्नोर कर देंगे। 

मैच्योर बनें  

ठीक है कि आपके अपने रेग्युलर फ्रेंड्स के साथ चैटिंग करते वक्त स्माइली का बहुत ज्यादा इस्तेमाल करते हैं। लेकिन किसी नए इंसान के साथ चैट करते हुए ऐसा करने से बचना चाहिए। वरना उन्हें यही लगेगा कि आप अभी भी बचपने से बाहर नहीं निकल पाए हैं।

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